पीरियड के समय बहुत साडी महिलाओं को पेट दर्द और नींद ना आने की दिक्कत शुरू हो जाती है और महिलाएं इस दिक्कत को झेलते हुए अपना दिन गुजारती हैं लेकिन आज मैं आपको बताउंगी की कैसे आप पीरियड में नींद ना आने के दिक्कत को जिससे आप बहुत दिनों से परेशान है उसके बारे में कुछ घरलू उपाय और तरीके आपको बताती हूँ।
पीरियड के दरान नींद ना आने के उपाय।
नींद लेने के तरीके : सबसे पहले हमें अपने सोने के तरीके पर विशेष ध्यान देना होगा। हमें पीठ के बल लेटकर अपने दोनों घुटनों को हल्का मोड़ना चाहिए जिससे काफी हद तक आराम मिलता है ऐसा करने से पेट के निचले हिस्से का दबाव कम होता है और दर्द में हमें बहुत राहत मिलती है।
गरम पानी की थैली का प्रयोग : इसके अलावा हीटिंग पैड का भी उपयोग कर सकते हैं जो कि आसानी से हमें मार्केट में मिल जाता है। पेट या कमर पर हल्की गर्मी देने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और नींद जल्दी आती है।
हल्का और सेहतमंद खाना : हमें अपनी डाइट में हल्का और पौषटिक भोजन का उपयोग करना चाहिए।भारी डाइट तले होने भोजन करने से हमें बचाना चाहिए यह काफी नुकसान करता है। हमें मैग्नीशियम युक्त चीज का सेवन करना चाहिए जैसे कि केला बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियां इनका उपयोग करने से नींद हमारी काफी बेहतर हो सकती है।
कैफीन चीनी से परहेज : चाय कॉफी और मीठे पदार्थ से हमारी नींद में काफी रुकावट आ सकती है क्योंकि चाय कॉफी के सेवन से हमें नींद बहुत कम आता है जल्दी नींद नहीं आती है उनके जगह हम हर्बल टी जैसे कैमोमाइल या तुलसी की चाय ले सकते हैं।
सोने समय में पिने का पदार्थ : सोने से पहले हम शहद वाला गुनगुना पानी या हल्दी वाला दूध, दालचीनी वाला पानी का उपयोग करने से हमारे शरीर में गर्माहट मिलती है जिससे हमें गहरी नींद बनती है।
साफ़ बिस्तर (बेड) : सोने से पहले हमें यह भी विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए की जहां पर हम सोने जा रहे हैं वहां का जो बिस्तर है वह साफ सुथरा है कि नहीं तकिया चादर जो भी रहता है वह हमें क्लीन साफ सुथरा होना चाहिए साफ सुथरा रहने से हमें बिल्कुल अच्छे से नींद आएगी।
सोने के समय का स्क्रीन टाइम : टीवी या मोबाइल से निकलने वाला नीली रोशनी हमारे नींद के हार्मोन मेलाटोनिन को काफी प्रभावित करती है जिससे हमें समय से नींद नहीं आता। हमें सोने से कम से कम 40 मिनट पहले स्क्रीन से दूरी बना लेना चाहिए।
आसपास शांति रहना : हमारे कमरे में हल्की रोशनी होना चाहिए हमें शोर-शराबी से बचना चाहिए और संभव हो सके तो धीमी संगीत या नेचर साउंड सुन सकते हैं जो कि हमारे मन को काफी अच्छा करेगा और यदि मन अच्छा होगा तो हमें नींद में बहुत अच्छे से आएगी।
योगा (एक्सरसाइज)और ध्यान : योगासन और ध्यान इसका उपयोग करने से हमें काफी राहत मिलेगा जैसे अनुलोम विलोम या श्वसन जैसे योगासन तनाव को काफी हद तक काम करते हैं और मानसिक शांति देते है कम से कम हमें 5 से 10 मिनट तक योगासन करना ही चाहिए।
पीरियड के समय महिलाओं में बदलाव।
मानसिक और भावनात्मक में बदलाव जैसे –
- मूड स्विंग्स: अचानक से गुस्सा आना , उदासी या चिड़चिड़ापन महसूस होना।
- तनाव और चिंता: हार्मोनल के असंतुलन के कारण बेचैनी महशुस होना।
- थकान और ऊर्जा की कमी: शरीर में आयरन की कमी होना और हार्मोनल बदलाव से थकावट महशुस होना।
शरीर में होने वाली बदलाव-
- पेट और पीठ में दर्द होना : यूटेरस की मांसपेशियों के सिकुड़ने कारन ऐठन।
- स्तनों (ब्रैस्ट) में सूजन या दर्द होना : एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में बदलाव के कारण।
- फूला हुआ पेट (ब्लोटिंग) होना : शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाने के कारन।
- मुंहासे या स्किन में बदलाव होना : हार्मोनल असंतुलन से त्वचा पर असर।
- भूख में बदलाव होना : कुछ महिलाओं को मीठा या नमकीन खाने की इच्छा बढ़ जाती है।
दीर्घकालिक प्रभाव
- लाइफस्टाइल अनहेल्दी होना : जैसे- नींद की कमी, ज्यादा कैफीन, स्ट्रेस), तो पीरियड्स के पैटर्न में भी बदलाव आ सकता है
- पीसीओएस, थायरॉइड या अन्य कोई हार्मोनल :पीसीओएस, थायरॉइड जैसी और कई प्रकार की समस्याएं भी पीरियड्स को प्रभावित कर सकती हैं
निष्कर्ष :
पीरियड के समय नींद नहीं आना या लगना ये आम बात हो सकती है लेकिन यह बहोत गंभीर भी है, जिससे कई महिलाएं हमेसा परेशान रहती हैं इस में पोस्ट में जो भी घरेलु उपाए बताये गए है जैसे की सोने का सही तरीका क्या होना चाहिए गर्म पानी की थैली का उपयोग करना प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन सोने से पहले गर्म पानी का सेवन करना सोने के लिए बिस्तर का साफ सुथरा होना मानसिक शांति का होना हमारे नींद को बेहतर बनता है।











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