हमारे शरीर में जब लिवर (यकृत) ठीक से काम नहीं करता या खून में बिलीरुबिन नामक पीले रंग का तत्व अधिक मात्रा में बढ़ जाता है, तो त्वचा, आंखें और नाखून पीले दिखाई देने लगते हैं। बिलीरुबिन एक पीला पिगमेंट है जो लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने पर बनता है। जब यह यकृत (लिवर) द्वारा ठीक से प्रोसेस नहीं होता, तो यह खून में जमा हो जाता है और त्वचा, आंखों और पेशाब को पीला कर देता है। इसी अवस्था को जॉन्डिस या पीलिया कहा जाता है। यह एक बीमारी नहीं बल्कि शरीर में किसी गड़बड़ी का संकेत है।
यह समस्या छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी हो सकती है। लेकिन यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर लिवर डैमेज या अन्य जटिल बीमारियों में भी बदल सकती है।
चलिए जानते हैं, जॉन्डिस कैसे होता है, इसके लक्षण क्या हैं और कौन से घरेलू उपाय इस समस्या को जड़ से मिटाने में मदद कर सकते हैं।
जॉन्डिस क्या है?
जॉन्डिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा सामान्य सीमा (0.3 से 1.2 mg/dL) से अधिक बढ़ जाती है। यह पदार्थ तब बनता है जब शरीर पुराने लाल रक्त कोशिकाओं को तोड़ता है।अगर लिवर सही से काम कर रहा हो तो वह बिलीरुबिन को पित्त के साथ शरीर से बाहर निकाल देता है।
लेकिन जब लिवर कमजोर पड़ जाता है, तो बिलीरुबिन खून में बढ़ने लगता है और त्वचा पीली हो जाती है।
जानते हैं जॉन्डिस होने के मुख्य कारण
लिवर का संक्रमण हेपेटाइटिस A, B, C या E वायरस लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे जॉन्डिस तेजी से फैलता है।
अत्यधिक शराब का सेवन: लगातार शराब पीने से लिवर की कोशिकाएं खराब हो जाती हैं, जिससे जॉन्डिस की संभावना ज्यादा बढ़ती है।
गलत खानपान और प्रदूषित पानी: दूषित पानी या अधपका भोजन खाने से बैक्टीरिया और वायरस शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जो लिवर को कमजोर करते हैं।
पित्त नलिका का ब्लॉकेज: जब पित्त हमारे शरीर से बाहर नहीं निकल पाता, तो बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है और पीलिया हो जाता है।
दवाइयों के दुष्प्रभाव: कुछ दवाएं जैसे पैरासिटामॉल, स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक्स लिवर पर दबाव डालती हैं।
नवजात शिशुओं में पीलिया नियोनेटल जॉन्डिस: जन्म के बाद शिशु का लिवर पूरी तरह विकसित नहीं होता, जिससे अस्थायी जॉन्डिस हो सकता है।
ब्लड सेल्स का तेजी से टूटना : जब लाल रक्त कोशिकाएं बहुत तेज़ी से टूटती हैं, तो बिलीरुबिन बढ़ जाता है और जॉन्डिस की स्थिति बनती है।
जानते हैं जॉन्डिस शरीर में कैसे फैलता है?
जॉन्डिस सीधे व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता, बल्कि यह उन कारणों से फैलता है जो लिवर को प्रभावित करते हैं।
जैसे —दूषित पानी या संक्रमित भोजन से हेपेटाइटिस A और E वायरस फैल सकते हैं। वायरस द्वारा संक्रमित हुए सुई, खून या असुरक्षित संबंध से हेपेटाइटिस B और C वायरस का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। कमजोर लिवर और खराब खानपान शरीर की प्रतिरक्षा को घटाते हैं, जिससे बिलीरुबिन बढ़ता है।
इसलिए जॉन्डिस को रोकने के लिए साफ-सफाई, शुद्ध पानी और संतुलित आहार का पालन करना सबसे ज्यादा जरूरी है।
1.गन्ने का रस–गन्ने का रस लिवर के लिए वरदान माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देता है और पित्त को भी नियंत्रित करता है।
कैसे लें: दिन में दो बार ताजा गन्ने का रस पीएं। ध्यान रहे कि यह साफ-सुथरे वातावरण में तैयार किया गया हो।
विधि: आप प्रतिदिन पपीते की 2-3 पत्तियां पीसकर उनका रस निकालें और रोज सुबह खाली पेट एक चम्मच पिएं।
3. नींबू और गुनगुना पानी– नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं।
कैसे लें: सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं।
4. चुकंदर और गाजर– चुकंदर और गाजर का जूस ये दोनों सब्जियां लिवर को साफ करती हैं और खून की गुणवत्ता सुधारती हैं।
कैसे लें: आप रोज सुबह एक गिलास चुकंदर और गाजर का ताजा जूस बनाकर पिएं।
5. आंवला–आंवला विटामिन C से भरपूर होता है जो की लिवर को काफी मजबूत बनाता है।
कैसे लें: एक चम्मच आंवला पाउडर या ताजा आंवला रस सुबह खाली पेट लें।
6. हल्दी दूध– हल्दी में एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
कैसे लें: रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं।
7. तुलसी के पत्ते– तुलसी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और हमें संक्रमण से बचाती है।
कैसे लें: 10-12 तुलसी की पत्तियां रोज सुबह चबाएं या उनका रस बनाकर पिएं।
जानते हैं जॉन्डिस में क्या खाएं और क्या न खाएं
बीमारी के समय हमें बहुत ही सोच समझ कर कुछ भी खाना चाहिए। क्योंकि इस समय हमारा शरीर कमजोर हो चुका होता है जिससे खाया हुआ हम पचा नहीं पाते हैं।
खाने योग्य चीजें–गन्ने का रस, नारियल पानी हल्का, उबला हुआ भोजन हरी सब्जियां, फल (जैसे सेब, पपीता, चुकंदर)दही, मठा और मूंग दाल का सूप
परहेज करें– तली-भुनी चीजें, मसालेदार खाना शराब और स्मोकिंग जंक फूड और मीठे पेय पदार्थअधिक नमक या तेल वाले व्यंजन लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी टिप्स
- रोजाना पर्याप्त पानी पिएं।
- तनाव से दूर रहें और योग करें।
- नींद पूरी लें — कम से कम 7 घंटे।
- नियमित व्यायाम या सुबह की सैर करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें।
आप कब डॉक्टर से संपर्क करें
अगर जॉन्डिस के लक्षण 10 दिनों से ज्यादा बने रहें, उल्टी, तेज बुखार या पेट में दर्द बढ़ जाए, तो आप तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
क्योंकि कभी-कभी पीलिया लिवर सिरोसिस या हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।
जॉन्डिस से जुड़ी गलतफहमियां
1.यह सिर्फ गर्मी में होता है।
गलत, यह किसी भी मौसम में हो सकता है
2.केवल पीला पेशाब ही लक्षण है।
नहीं, थकान, भूख न लगना, उल्टी भी लक्षण हैं
3.घरेलू इलाज ही काफी है
नहीं गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है
भावनात्मक दृष्टिकोण: शरीर का संकेत समझेंजॉन्डिस एक चेतावनी है — शरीर कह रहा है कि वह थक चुका है, उसे आराम और देखभाल चाहिए। यह सिर्फ लिवर की बीमारी नहीं, बल्कि जीवनशैली का प्रतिबिंब है। जब हम अपने शरीर को सुनते हैं, तो वह हमें ठीक करने की शक्ति देता है।
निष्कर्ष
जॉन्डिस कोई मामूली बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में छिपी गंभीर समस्या का संकेत है।यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
आप साफ-सफाई, संतुलित आहार और नियमित जांच से आप न केवल जॉन्डिस से बच सकते हैं बल्कि अपने लिवर को भी जीवनभर स्वस्थ रख सकते हैं।
मेरे और भी पोस्ट पढ़े –
गुड़-चना का कमाल! जानिए क्यों कहते हैं इसे गरीबों का एनर्जी ड्रिंक
दही खाने के फायदे तो सब जानते हैं, पर इसके नुकसान कोई नहीं बताता!
हर वक्त शरीर में दर्द और सुस्ती? जानिए इसके चौंकाने वाले असली कारण!
इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के कुछ उपाय
खाना खाया और पेट फूला? ये नुस्खे कर देंगे कमाल – तुरंत मिलेगा आराम!
सर्दियों में आंवला खाने से होंगे ये 7 कमाल के फायदे, नंबर 5 जानकर चौंक जाओगे!
डाइजेशन का रामबाण नुस्खा – खाने के बाद खाएं ये पत्ता, तुरंत दिखेगा असर
पेट की चर्बी गायब! मेथी दाना खाने का ऐसा तरीका जो बदल देगा शरीर
मौसम बदला, बच्चे बीमार? बस अपनाएं ये जादुई देसी नुस्खे – खांसी-जुकाम भागेगा तुरंत!
सुबह-सुबह बस 1 गिलास अदरक का पानी, और देखिए कमाल
अगर आप भी जल्दी-जल्दी खाते हैं तो सावधान!जानिए क्यों हर निवाला चबाना बढ़ा सकता है आपकी उम्र।
लंबे और घने बालों के लिए सरसों तेल में मिलाएं ये एक खास चीज, मिलेंगे खूबसूरत और सिल्की बाल











Leave a Reply