मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करती है। यह मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रमण है, जो प्लास्मोडियम पैरासाइट के कारण होता है। मलेरिया में बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, थकान, और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण होना आम हैं।
हालाँकि दवाइयाँ मलेरिया के इलाज में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन सही खानपान भी उतना ही जरूरी है। मलेरिया के दौरान शरीर बहुत ही ज्यादा कमजोर हो जाता है, इसलिए पोषक आहार लेना तेज रिकवरी में बेहद मदद करता है।
तो आइए जानते हैं — मलेरिया के दौरान क्या खाएं, क्या नहीं खाएं, और कौन से घरेलू आहार शरीर को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं।
मलेरिया के दौरान शरीर को क्या जरूरत होती है?
मलेरिया के कारण शरीर में कई जरूरी तत्वों की कमी हो जाती है —
- पानी और मिनरल्स की कमी (डिहाइड्रेशन)
- ब्लड में रेड सेल्स की कमी (एनीमिया)
- ऊर्जा और इम्युनिटी की गिरावट
इसलिए डाइट ऐसी होनी चाहिए जो शरीर में पानी, आयरन, प्रोटीन, और विटामिन की भरपाई करे।
आइए जानते हैं मलेरिया में क्या खाएं?
1. तरल पदार्थ ज्यादा पिएं
मलेरिया के मरीज को डिहाइड्रेशन बहुत जल्दी हो जाता है। इसलिए शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना सबसे जरूरी है।
पिएं:
- गुनगुना पानी
- नारियल पानी
- नींबू पानी (थोड़ा नमक डालकर)
- सूप (सब्जी या दाल का)पतला छाछ या मठ्ठा
इनसे शरीर में मिनरल्स की कमी पूरी होती है और थकान कम होती है।
2.हल्का और पचने वाला खाना खाएं
मलेरिया में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, इसलिए भारी और तला-भुना खाना पचता नहीं।
खाने में शामिल करें:
- खिचड़ी (चावल + मूंग दाल)
- दलिया (दूध या पानी में पकी हुई)
- ओट्स या सूजी की खीर उबली
- सब्जियां (जैसे लौकी, तुरई, परवल, गाजर)
ये भोजन पेट पर ज्यादा बोझ नहीं डालते और एनर्जी देते हैं।
3. विटामिन C से भरपूर फल
विटामिन C इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
फलों में शामिल करें:
- संतरा
- मौसमी
- अमरूद
- पपीता
- नींबू
- सेब
पपीते का सेवन प्लेटलेट्स बढ़ाने में भी मदद करता है।
4. आयरन और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ
मलेरिया में शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या घट जाती है, जिससे एनीमिया हो सकता है।
शामिल करें:
- मूंग दाल, मसूर दाल
- पालक, मेथी, सरसों का साग
- उबले अंडे (अगर नॉनवेज लेते हों)
- टोफू या पनीर
- चना, राजमा (थोड़ी मात्रा में)
ये शरीर को ताकत देते हैं और ब्लड सेल्स की भरपाई करते हैं।
5. एंटीऑक्सीडेंट और हर्बल ड्रिंक्स
- तुलसी का काढ़ा
- अदरक-शहद वाला पानी
- हल्दी दूध (रात को गुनगुना)
- गिलोय रस (सुबह खाली पेट)
ये शरीर को संक्रमण से बचाते हैं और रिकवरी को तेज करते हैं।
6. थोड़ी-थोड़ी देर में खाएं
मलेरिया में भूख कम लगती है, इसलिए एक साथ ज्यादा न खाकर दिन में 5–6 बार हल्का भोजन लें।
जैसे —
- सुबह दलिया
- दोपहर में खिचड़ी
- शाम को सूप
- रात को हल्का खाना।
जानते हैं कि मलेरिया में क्या नहीं खाएं?
न सही डाइट जितनी जरूरी है, गलत चीजों से परहेज उतना ही अहम है।
1. तला-भुना और मसालेदार खाना
भारी मसालों वाला या तला हुआ खाना पाचन पर बोझ डालता है।ना खाएं:
- समोसा, पकोड़ा, चिप्स
- चटपटा स्ट्रीट फूड
- बहुत मिर्ची वाला खाना
2. ठंडी चीजें और कोल्ड ड्रिंक्स
- ठंडे पेय और आइसक्रीम शरीर का तापमान बिगाड़ सकते हैं।
परहेज करें:
- आइसक्रीम
- कोल्ड ड्रिंक
- ठंडा दूध या सोडा
3. कैफीन और चाय की अधिकता
कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट करती है और हमारी नींद भी कम कर देती है।
कम करें:
- कॉफी
- ब्लैक टी
- एनर्जी ड्रिंक
4. मीठा और बेकरी प्रोडक्ट्स
शुगर युक्त भोजन शरीर में सूजन और थकान को काफी बढ़ा सकता है।
परहेज करें:
- केक
- बिस्किट
- पेस्ट्री
- चॉकलेट
- कोल्ड
- डेजर्ट
5. नॉनवेज और रेड मीट(अत्यधिक)
- मलेरिया में भारी प्रोटीन युक्त आहार पचाना मुश्किल होता है।
- अगर आप नॉनवेज लेते हैं तो सिर्फ हल्का उबला अंडा या मछली लें, लेकिन भुना या मसालेदार मांस बिल्कुल न खाएं।
घरेलू उपाय जो रिकवरी को तेज करें
1.गिलोय रस:
- रोज सुबह 10–15ml गिलोय रस गुनगुने पानी के साथ लें।
- यह इम्यूनिटी बढ़ाकर बुखार को नियंत्रित करता है।
2.पपीते के पत्ते का रस:
- प्लेटलेट्स की कमी में बहुत उपयोगी है।
- 1 चम्मच पत्तों का रस सुबह-शाम लें।
3.तुलसी और अदरक का काढ़ा:
- आप तुलसी और अदरक का काढ़ा पीए ये बुखार कम करता है और शरीर की थकान मिटाता है।
4.नारियल पानी:
- नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करता है और शरीर को ठंडक देता है।
5.मलेरिया में डाइट चार्ट – (उदाहरण)
- समय – क्या लें
- सुबह – उठते ही गुनगुना पानी + नींबू रस या गिलोय रस
- नाश्ता – दलिया या ओट्स + फल
- मिड-मॉर्निंग – नारियल पानी या मौसमी
- दोपहर – खिचड़ी + उबली सब्जी + दही
- शाम – सूप या छाछ
- रात – मूंग दाल खिचड़ी + हल्दी दूध
मलेरिया में जल्दी ठीक होने के टिप्स
- इस समय में आप ज्यादा से ज्यादा आराम करें, शरीर को रिकवरी का समय दें।
- आप हर 2 घंटे में थोड़ा तरल पदार्थ लें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाइयाँ न लें।
- आप मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल जरूर करें।
- घर के आस–पास पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें, क्योंकि वहीं मच्छर पनपते हैं।
निष्कर्ष
मलेरिया से ठीक होने में सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि सही खानपान और दिनचर्या भी अहम भूमिका निभाते हैं। हल्का, पौष्टिक और पचने वाला आहार लेने से शरीर को ताकत मिलती है, बुखार नियंत्रित रहता है और रिकवरी तेज होती है।
याद रखें — मलेरिया को रोकना इलाज से बेहतर है। इसलिए स्वस्थ डाइट और स्वच्छता अपनाकर खुद को सुरक्षित रखें।
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