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मौसम बदला, बच्चे बीमार? बस अपनाएं ये जादुई  देसी नुस्खे – खांसी-जुकाम भागेगा तुरंत!

बदलते मौसम के साथ बच्चों में सर्दी-खांसी होना बहुत ही आम बात है। कभी ठंडी हवा, कभी धूल या परागकण, तो कभी मौसम का अचानक बदलना — बच्चों की कोमल इम्यूनिटी इन सब बदलावों को झेल नहीं पाती। खासकर 1 से 10 साल की उम्र के बच्चों में सर्दी-खांसी, नाक बहना, गला बैठना या हल्का बुखार आना आम समस्या बन जाती है। क्योंकि इस उम्र के बच्चे काफी नाजुक होते है इमुनकी इम्यूनिटी बहुत कमजोर होते हैं।

लेकिन अच्छी बात यह है कि हर बार दवा या एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। हमारे घर में मौजूद कुछ  सामग्री होती है इनसे घरेलू नुस्खे बनाकर बच्चों की सर्दी-खांसी को प्राकृतिक तरीके से ठीक कर सकते हैं — बिना किसी साइड इफेक्ट के।

आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ असरदार और आजमाए हुए उपाय जो आपके बच्चे की तकलीफ को जादुई तरीके से कम करेंगे।

बच्चे को सर्दी-खांसी क्यों होती है?

सर्दी-खांसी का मुख्य कारण बच्चे की कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी)होती है।

बदलते मौसम में ये कारण बच्चों को बहुत जल्दी बीमार कर देते हैं:

  • ठंडी हवा या मौसम में अचानक बदलाव – अचानक बदले हुए मौसम शरीर तापमान के बदलाव को सहन नहीं कर पाता।
  • धूल-मिट्टी या प्रदूषण –  धूल मिट्ठी और प्रदूषण बड़े ही आसानी से सांस के जरिए वायरस या बैक्टीरिया शरीर में बड़ी आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।
  • गंदे कपड़े या भीगे पैर – बच्चे जब गंदे या गिले कपड़े पहने रह जाते हैं तब ठंड लगने से शरीर का तापमान गिर जाता है।
  • ठंडी चीजें खाना – ठंडी चीजों का सेवन भी जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक या ठंडा दूध गले की सूजन बढ़ा देते हैं।
  • नींद की कमी और कमजोरी – शरीर  के ज्यादा कमजोर होने पर संक्रमण जल्दी फैलता है।

बच्चे की सर्दी-खांसी के लक्षण

सर्दी-खांसी के शुरुआती लक्षणों को पहचानना  बहुत जरूरी है ताकि इलाज समय पर किया जा सके:

  • नाक बंद या बहना।
  • गले में खराश या दर्द होना।
  • छींक आनाखांसी (सूखी या बलगमी)
  • हल्का बुखार आना।
  • चिड़चिड़ापन और नींद न आना।
  • भूख कम लगना।

अगर लक्षण 5–7 दिन से ज्यादा रहें, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

बच्चों की सर्दी-खांसी के घरेलू नुस्खे

तो आइए अब बात करते हैं उन घरेलू उपायों की जो दादी-नानी के जमाने से कारगर माने जाते हैं।

ये नुस्खे न केवल सर्दी-खांसी को दूर करते हैं बल्कि बच्चे की इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं

1. तुलसी और शहद का जादुई मिश्रण

कैसे करें उपयोग:

  • 5-6 तुलसी की पत्तियों को पानी में अच्छी तरह से उबालें।
  • जब पानी आधा रह जाए तो छानकर उसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं।
  • इसे बच्चे को दिन में 2 बार हल्का गर्म देकर पिलाएं।

फायदा:

  • तुलसी में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो संक्रमण को रोकते हैं।
  • शहद गले की खराश को शांत करता है और खांसी को कम करता है।

2. अदरक और तुलसी का काढ़ा

विधि:

  • एक कप पानी में ½ चम्मच अदरक का रस, 5 तुलसी पत्तियां और एक चुटकी हल्दी डालकर उबालें।
  • थोड़ा ठंडा होने पर बच्चे को एक-एक चम्मच दिन में 2 बार दें।

फायदा:

  • अदरक शरीर की गर्मी बढ़ाता है और बलगम को पिघलाने में मदद करता है।
  • तुलसी और हल्दी संक्रमण को खत्म करने में सहायक होते हैं।

3. भाप लेना

कैसे करें:

  • गर्म पानी के बर्तन में कुछ बूंदे यूकेलिप्टस ऑयल डालें।
  • बच्चे को पास बैठाकर भाप दिलवाएं (ध्यान रहे, बहुत पास न जाए)।

फायदा:

  • भाप से नाक के बंद रास्ते खुलते हैं, सांस लेना आसान होता है और गले की जकड़न भी कम होती है।

4. सरसों के तेल में लहसुन की मालि

विधि:

  • 2 चम्मच सरसों के तेल में 2 लहसुन की कलियाँ डालकर गर्म करें।
  • ठंडा होने पर बच्चे के पैरों के तलवों, छाती और पीठ पर हल्के हाथों से मालिश करें।

फायदा:

  • यह शरीर को गर्म रखता है, जकड़न कम करता है और खांसी से बेहद जल्दी राहत देता है।

5. हल्दी वाला दूध

कैसे दें:

  • एक गिलास गर्म दूध में ¼ चम्मच हल्दी डालें।
  • रात में सोने से पहले बच्चे को दें।

फायदा:

  • हल्दी एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है।
  • यह अंदरूनी सूजन और गले की खराश को ठीक करती है।

6. अदरक का रस और शहद

कैसे बनाएं:

  • ½ चम्मच अदरक का रस और 1 चम्मच शहद मिलाकर बच्चे को दिन में दो बार दें।
  • फायदा:यह बलगम निकालता है, खांसी को शांत करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।

7. अजवाइन और गुड़ का पानी

विधि:

  • ½ चम्मच अजवाइन को पानी में उबालें, फिर उसमें थोड़ा गुड़ डालें।
  • गुनगुना रहने पर बच्चे को थोड़ा-थोड़ा पिलाएं।

फायदा:

  • अजवाइन सर्दी और पेट दोनों के लिए फायदेमंद है।
  • यह कफ को बाहर निकालने में मदद करती है।

बच्चे की देखभाल के जरूरी टिप्स

सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, कुछ सावधानियाँ भी जरूरी हैं ताकि सर्दी-खांसी दोबारा न हो।

  • आप बच्चे को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं — न ज्यादा मोटे, और न ज्यादा हल्के।
  • पानी हल्का गर्म रखें।
  • गर्म, ताजा और पौष्टिक खाना दें — जैसे सूप, खिचड़ी, दाल, फल आदि।
  • ठंडी चीजों से बचाएं — आइसक्रीम, ठंडा दूध या फ्रिज का पानी न दें।
  • बच्चे को पर्याप्त नींद और आराम दें।
  • सुबह हल्की धूप में 10–15 मिनट बैठाएं — यह विटामिन D और इम्यूनिटी दोनों बढ़ाता है।
  • हाथ धोने की आदत डालें — ताकि वायरस या बैक्टीरिया न फैलें।

सर्दी-खांसी से बचाव के लिए बच्चे की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं?

बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए ये चीजें रोजाना डाइट में शामिल करें:

  • दूध, दही, पनीर (कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत)
  • मौसमी फल जैसे संतरा, अमरूद, पपीता (विटामिन C से भरपूर)
  • हरी सब्जियाँ (आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स से युक्त)
  • लहसुन और हल्दी (प्राकृतिक रोग-रोधी तत्व)
  • हर्बल ड्रिंक या सूप

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो आप तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लें:

  • 5 दिन से अधिक लगातार बुखार रहना।
  • सांस लेने में तकलीफ आ रही हो।
  • बच्चे का खाना-पीना बंद होना।
  • कान में दर्द या सूजन आना ।
  • बहुत ज्यादा खांसी या उल्टी होना।

निष्कर्ष

बदलते मौसम में बच्चों की देखभाल थोड़ी सावधानी और घरेलू नुस्खों से ही हो सकती है। तुलसी, अदरक, शहद, हल्दी और अजवाइन जैसे प्राकृतिक तत्व न केवल बच्चे की सर्दी-खांसी में राहत देते हैं बल्कि उसकी इम्यूनिटी भी मजबूत करते हैं।

इसलिए जब भी मौसम बदले, इन देसी नुस्खों को अपनाएं और बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल रखें।

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