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अगर आप भी जल्दी-जल्दी खाते हैं तो सावधान!जानिए क्यों हर निवाला चबाना बढ़ा सकता है आपकी उम्र।

आज के समय में हम सबकी जिंदगी आज इतनी तेज रफ्तार हो गई है कि खाना खाना भी एक टाइम टास्क बन गया है। ऑफिस या घर के कामों में इतने व्यस्त हो गए हैं की भागदौड़ में हम अक्सर जल्दी-जल्दी खाना निगल जाते हैं बिना ठीक से चबाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही जल्दीबाजी आपकी सेहत और उम्र दोनों पर काफी बुरा असर डाल सकती है?

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि खाने का हर निवाला अगर सही तरह से चबाया जाए, तो न केवल पाचन तंत्र मजबूत होता है, बल्कि शरीर की उम्र लंबी होती है और कई बीमारियाँ भी हमसे दूर रहती हैं।

आइए जानते हैं विस्तार से कि खाने को अच्छी तरह चबाने से क्या फायदे होते हैं, कितनी बार चबाना चाहिए, और इसे आदत में कैसे लाएं।

खाने को चबाना क्यों जरूरी है?

खाना चबाना सिर्फ मुंह का काम नहीं है, यह हमारे पूरे पाचन तंत्र की पहली और सबसे अहम प्रक्रिया है। जब हम भोजन को ठीक से चबाते हैं —

  • तो वह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है,
  • लार (सलाइवा) से मिलकर एंजाइम बनाता है।
  • और पेट को भोजन को पचाने में आसानी होती है।

अगर आप खाना बिना चबाए निगल लेते हैं, तो आपका पेट उस भोजन को तोड़ने में ज्यादा मेहनत करता है, जिससे गैस, अपच, पेट फूलना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार कितनी बार चबाना चाहिए?

आमतौर पर कहा जाता है कि हर निवाले को 30 से 32 बार चबाना सबसे ज्यादा अच्छा होता है।

हालांकि यह भोजन के प्रकार पर भी निर्भर करता है –

  • मुलायम चीजों (जैसे दाल, खिचड़ी) को 10–15 बार चबाएं।
  • जबकि सख्त चीजों (जैसे रोटी, फल, सब्जियाँ) को 30–32 बार तक चबाना चाहिए।
  • जापान में की गई एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग धीरे-धीरे और ज्यादा चबाकर खाना खाते हैं, उनमें मोटापा, ब्लड शुगर, और हार्ट डिजीज का खतरा 30% तक कम पाया गया।

जानते हैं धीरे-धीरे खाने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं?

1. पाचन तंत्र होता है मजबूत

  • जब खाना जितना अधिक चबाया जाता है, पेट को उसे तोड़ने में उतनी ही कम मेहनत करनी पड़ती है।
  • इससे गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएँ नहीं होतीं।

2. वजन कम करने में मदद

  • जब हम धीरे खाना खाते है तो मस्तिष्क से “पेट भर गया” का सिग्नल समय पर मिल जाता है।
  • इससे आप जरूरत से ज्यादा नहीं खाते हैं और मोटापा भी नियंत्रित रहता है।

3. ब्लड शुगर रहता है नियंत्रित

  • जब आप धीरे खाते हैं, तो ग्लूकोज का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है।
  • इससे शुगर स्पाइक नहीं होता और डायबिटीज का खतरा भी कम रहता है।

4. हृदय (Heart) रहता है स्वस्थ

  • फास्ट ईटिंग से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ता है।
  • जबकि धीरे चबाने से रक्त संचार बेहतर होता है और दिल पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।

5. दाँत और मसूड़े मजबूत होते हैं

  • जब आप अच्छे से चबा कर खाना खाते हैं तब चबाने से दाँतों की एक्सरसाइज होती है, जिससे मसूड़े मजबूत रहते हैं और लार के एंजाइम बैक्टीरिया को खत्म करते हैं।

6. मन और दिमाग शांत रहता है

  • धीरे खाना “माइंडफुल ईटिंग” का हिस्सा है। इससे तनाव कम होता है और आप भोजन का स्वाद और सुगंध पूरी तरह महसूस कर पाते हैं।

आइए जानते हैं जल्दी-जल्दी खाने से क्या नुकसान होते हैं?

अगर आप हर बार जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो इसके कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं।

1.पेट फूलना और गैस – बिना चबाए खाना निगलने से हवा अंदर जाती है, जिससे ब्लोटिंग होती है।

2.अपच और कब्ज – अपच और कब्ज के कारण पेट को भोजन पचाने में दिक्कत आती है।

3.मोटापा बढ़ना – दिमाग को तृप्ति का सिग्नल देर से मिलता है, जिससे जरूरत से लेते हैं।

4.डायबिटीज और हार्ट प्रॉब्लम – रिसर्च बताती है कि जल्दी खाने वालों में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल स्तर ज्यादा पाया गया।

5.थकान और आलस्य – अधपचा खाना शरीर से ऊर्जा छीन लेता है और पूरा दिन आलस भरा होता है।

  भोजन को ठीक से चबाने की सही तकनीक

यह कोई कठिन काम नहीं, बस थोड़ी सी जागरूकता चाहिए।

1.धीरे खाएं, जल्दी नहीं।

  • आप हर निवाले को कम से कम 20-30 बार चबाने की कोशिश करें।

2.भोजन पर ध्यान दें।

  • आप खाते वक्त टीवी, मोबाइल या बातों से ध्यान हटाकर सिर्फ खाने पर फोकस करें।

3.छोटे निवाले लें।

  • आप बड़े टुकड़े मुंह में डालने की बजाय छोटे–छोटे हिस्सों में चबा कर खाएं।

4.हर निवाले का स्वाद महसूस करें

  • यह माइंड फुल ईटिंग कहलाती है — इससे दिमाग को भी संतुष्टि मिलती है।

5.पानी तुरंत न पिएं।

  • खाना खाते वक्त या तुरंत बाद पानी पीने से लार पतली हो जाती है, जिससे पाचन कमजोर पड़ता है।

जानते हैं सही चबाने से कौन-कौन सी बीमारियाँ दूर रहती हैं?

  • समस्या                   सही चबाने का प्रभाव
  • गैस, एसिडिटी          पेट में एंजाइम बेहतर बनते हैं
  • मोटापा                   कैलोरी कंट्रोल रहता है
  • डायबिटीज              ग्लूकोज धीरे रिलीज होता है
  • हार्ट डिजीज            कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है
  • तनाव और थकान     शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है।

खाने का समय और तरीका भी मायने रखता है।

केवल चबाना ही नहीं, बल्कि खाने का सही माहौल और समय भी बहुत जरूरी है —

  • खाना हमेशा शांत वातावरण में खाएं।
  • बैठकर खाना खाएं, खड़े होकर नहीं।
  • दिन में कम से कम दो मुख्य भोजन (ब्रेकफास्ट और लंच) बिना जल्दबाजी के करें।
  • रात का खाना हल्का और धीरे खाएं, सोने से 2 घंटे पहले।

जानते हैं धीरे खाने की आदत कैसे डालें?

अगर आप हमेशा जल्दी-जल्दी खाते हैं, तो शुरुआत में यह मुश्किल लग सकता है।

लेकिन इन तरीकों से आप धीरे खाने की आदत डाल सकते हैं

  • चम्मच नीचे रख दें हर बाइट के बाद।
  • खाने के स्वाद पर फोकस करें, मोबाइल या टीवी से दूरी बनाएं।
  • छोटे प्लेट का इस्तेमाल करें ताकि आप कम और आराम से खा सकें।
  • टाइमर लगाएं –आप हर मील के लिए कम से कम 15–20 मिनट दें।

निष्कर्ष:

जितना चबाओगे, उतनी लंबी होगी उम्र!

भोजन को अच्छी तरह चबाना कोई छोटा कदम नहीं —यह आपके शरीर, मन और लंबी उम्र के लिए एक बड़ा बदलाव है।

धीरे-धीरे खाने की यह सरल आदत आपको न केवल बीमारियों से दूर रखेगी, बल्कि आपको ऊर्जावान, स्वस्थ और खुशहाल जीवन भी देगी।

इसलिए अगली बार जब आप खाना खाएं —

जल्दी में नहीं, ध्यान से और हर निवाले को महसूस करते हुए खाएं।

क्योंकि सच में, हर निवाला जितना ज्यादा चबाओगे, उतनी लंबी होगी तुम्हारी उम्र!

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